Thursday, 4 September 2014

हमारा चेहरा है किसका आशियाना, ये हमने न जाना, ये तुमने न जाना



हमारे चेहरे के अजीबो गरीब साथी

आज हम कुछ ऐसी बात करने जा रहे हैं, जिसे सुनना हम, आप कोई भी पसंद नहीं करेगा. अभी जब मैं यह बात आपसे कहने जा रही हूँ पूरे चेहरे पर खुजली महसूस कर रही हूँ. हाँ यह बात हमारे चेहरे से जुडी है. दरअसल हमारे चेहरे (जिस पर हमारा सबसे अधिक ध्यान रहता है ) पर किसी ने कब्जा कर रखा है. जी हाँ, ये हमारे चेहरे पर घूमते – फिरते हैं, मौज मस्ती करते हैं, यहाँ तक की अपने शरीर की गन्दगी भी वहीं छोड़ देते हैं . जी हाँ, हमारे चेहरे पर छोटे छोटे या सही कहें तो बहु$$$$$$त छोटे छोटे घुन ने अपना साम्राज्य  जमा रखा है. विश्वास नहीं होता, चलिए अपने आँख की एक पलक उखाड़ कर माइक्रोस्कोप के नीचे रख कर देखिए, हो सकता है उसकी जड़ से चिपका हुआ यह घुन दिख जाएगा. ठीक वैसे ही जैसा 1842 में जर्मन त्वचारोग विशेषज्ञ गुस्ताव सीमाऑन (GUSTAV SIMON) को दिखा था. गुस्ताव एक बार हमारे चेहरे पर होने वाले मुहांसे की जांच माइकोस्कोप में कर रहे थे उन्हें एक कीड़ा रेगाता नजर आया. इस कीड़े को  उन्होंने अलग किया और दो स्लाइड के बीच रखा वह फिर चलता नजर आया. यह तो साबित हो गया की कोई जानवर नहीं नहीं कीड़ा/घुन ही कहना ठीक होगा,  ने हमारे चेहरे को अपना आशियाना बना रखा है. ये घुन अधिकतर हमारे चेहरे पर पाए जाने वाले रोम में पाए जाते हैं. बाल की जड़ में ख़ास कर ललाट पर, नाक के पास कुछ कुछ हमारे गाल पर भी. 

डेमोडेक्स नामक मकडी, दीमक आदि के रिश्तेदार दरअसल एक परजीवी है जो स्तनपायी जानवरों के शरीर पर पाया जाता है. ये परजीवी बालों की जड़ में पाए जाते हैं. डेमोडेस्क की करीब 65 प्रजातियाँ पाई जातीं हैं, जिनमें से दो को अपना आशियाना बनाने के लिए हमारा यानी मनुष्य का चेहरा उपयुक्त जगह लगी.  तो हमारे साथ रहने की ठान ली  डेमोडेक्स फोलिकुलोरम और डेमोडेक्स ब्रेविस ने. अपना घर बनाने के लिए जहां डेमोडेक्स फोलिकुलोरम को हमारे चेहरे पर पाए जाने वाला बाल का फोलिकल पसंद आया वहीं डेमोडेक्स ब्रेविस को सिबेसियस (पसीने/वसा) ग्रथी जो बालों की जड़ से जुड़े होते हैं भा गए. ये परजीवी अधिकतर नाक के पास, आँख की पलकों और भौओ में पाए जाते हैं. पर चेहरे के दूसरे भाग यानी चेहरे, ठुडी आदि पर मिलते हैं ये परजीवी. इन परजीवियों का भोजन है इन तेल की ग्रंथियों में पाए जाने वाले तेल.

0.3nm -0.4nm बड़ा यह परजीवी आइसक्रीम के कोन जैसा दिखने वाले इस कीड़े के पास सर, गर्दन और पेट होता है. आठ छोटे छोटे पैर इसके सर और गर्दन के पास होते हैं जिसके सहारे वह हमारे चेहरे पर रात के समय चक्कर लगाते रहते हैं. डेमोडेक्स फोलिकुलोरम इन दोंनो में से कुछ बडा होता है और इसका निचला हिस्सा गोलाकार होता है, जबकि डेमोडेक्स ब्रेविस छोटा है और इसका निचला हिस्सा नुकीला होता है. नार्थ कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी के एक छात्र मोगन थोएमेस के अनुसार तेल में तैरते हुए ये घुन बड़े ही प्यारे नजर आते हैं. मोगन थोएमेस को ये ऐसे दोस्त लगते हैं जो हर समय हमारे साथ होते हैं. उनके अनुसार चूंकि हमसे से हर-एक के साथ होते हैं ये इसलिए ये हमें कोई हानी नहीं पहुंचाते यह माना जा सकता है. 

यह जाति, वर्ग, स्थान किसी का भेद भाव नहीं करता. 18 साल और उससे ज्यादा के हर मनुष्य से दोस्ती करते नजर आते हैं. छोटे बच्चों पसंद नहीं हैं इन्हें. इसलिए ये बच्चों के चेहरे पर नजर नहीं आते. परन्तु इनका और हमारा साथ बहुत पुराना है, इसलिए वैज्ञानिकों को इसके डी एन ऐ से बहुत उम्मीद है. उनका सोचना है कि यह हमें हमारे विकास की कहानी समझाने में सहायक हो सकता है. हो सकता है कि ये घुन हमें अपने विकास के रास्ते को ढूँढने में मददगार साबित हों, पर यह पहेली सुलझी नहीं है कि इनका और हमारा साथ कब से हुआ और कैसे. पर डरने की कोई बात नहीं है इनसे हमें कोई ख़तरा नहीं हैं.

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